केन्द्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (सीपीएओ) की प्रोफाइल

केन्द्रीय पेंशन लेखा कार्यालय महालेखा नियंत्रक का एक अधीनस्थ कार्यालय है। यह प्राधिकृत बैंकों (सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों) के माध्यम से केन्द्र सरकार के सिविल पेंशनभोगियों को पेंशन भुगतान की स्कीम का संचालन करता है। इसके निम्नलिखित कार्य हैं:

  * पेंशन भुगतान के लिए प्राधिकृत बैंकों को विशेष सील प्राधिकार (एसएसए) जारी करना।

  * पेंशन अनुदान के लिए बजट बनाना व उसका लेखा-जोखा रखना।

  * बैंकों द्वारा किए गए पेंशन भुगतान और संवितरण का मिलान करना तथा उनके कार्य-निष्पादन की समीक्षा करना।

इस स्कीम में केन्द्र सरकार के सिविल मंत्रालयों/विभागों (रेलवे, डाक, और रक्षा को छोडकर), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, विधानसभा-रहित संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों के सभी पेंशनभोगी, उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं। इस स्कीम में संसद के पूर्व सदस्यों को पेंशन का भुगतान और भारत के पूर्व राष्ट्रपतियों / उप राष्ट्रपतियों को पेंशन का भुगतान और अन्य सुख सुविधाएं शामिल हैं। सीपीएओ की कार्यप्रणाली पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत है।

सीपीएओ की स्थापना का मूल उद्देश्य पेंशन की प्रक्रिया को सरल बनाना, पेंशन भुगतान मे लगी एजेंसियों की संख्या को कम करना तथा प्राधिकार की प्रक्रिया और प्राधिकृत बैंकों के माध्यम से पेंशन के संशोधन और अंतरण के कार्य में तेजी लाना था।

सीपीएओ की कार्यप्रणाली पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत है और यह केन्द्रीय (सिविल) पेंशनभोगियों का डाटा बैंक रखता है। सीपीएओ पूरे देश में 1118021 से अधिक पेंशनभोगियों को 68,352 से अधिक बैंक शाखाओं के माध्यम से पेंशन संबंधी सेवाएं प्रदान करता है।